बिहार में थमा मानसून का कदम, लेकिन बारिश और आंधी का अलर्ट जारी; कई जिलों में भारी वर्षा की चेतावनी
बिहार में दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ गई है। मानसून मुजफ्फरपुर के आसपास ठहरा हुआ है, लेकिन मौसम विभाग ने अगले चार से पांच दिनों के दौरान इसके आगे बढ़ने की संभावना जताई है।
पटना: बिहार में दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ गई है। नमी युक्त पुरवा हवाओं की गति कम होने और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण मानसून मुजफ्फरपुर के आसपास ठहर गया है। हालांकि मौसम विभाग के अनुसार अगले चार से पांच दिनों के दौरान मानसून के राज्य के अन्य हिस्सों में आगे बढ़ने की संभावना बनी हुई है।
राजधानी पटना समेत दक्षिण बिहार के अधिकांश क्षेत्रों में मौसम सामान्य रहने का अनुमान है। कई स्थानों पर बादल छाए रहने, मेघ गर्जन, वज्रपात और हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए कटिहार, किशनगंज, पूर्णिया, अररिया, बांका, जमुई, खगड़िया, मुंगेर, सहरसा और सुपौल के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। साथ ही मेघ गर्जन और वज्रपात की भी आशंका है।
बीते 24 घंटों के दौरान बिहार के विभिन्न जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। सासाराम में सर्वाधिक 76.8 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई, जबकि नालंदा में 61 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं।
तापमान में भी गिरावट देखने को मिली है। रविवार को पटना समेत 15 जिलों के अधिकतम तापमान में कमी दर्ज की गई। पटना का अधिकतम तापमान 37.7 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि शेखपुरा 40 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा।
वर्षा के आंकड़ों पर नजर डालें तो किशनगंज के गलगलिया में 75.8 मिमी, रोहतास के डेहरी में 67.8 मिमी, औरंगाबाद के ओबरा में 55.2 मिमी, नवादा के अकबरपुर में 45.2 मिमी और रोहतास के चेनारी में 42.4 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा रजौली, रतनी फरीदपुर, टेकारी, गिरियक, मधेपुरा, खिजरसराय, बरहट, मखदुमपुर, गोह और दरभंगा के सिंहवाड़ा समेत कई क्षेत्रों में भी अच्छी वर्षा रिकॉर्ड की गई।
मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और वज्रपात के समय सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।

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